ब्रेकिंग
विकास कार्यों की सौगात: महापौर ने तीन वार्डों में सड़क, नाली और पुलिया निर्माण कार्यों का किया भूमिप... अब कम होगा ईंधन खर्च! भारत में आया E85 फ्लेक्स फ्यूल, जेब पर पड़ेगा कम बोझ सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का टिकट, वैभव सूर्यवंशी ने रचा नया कीर्तिमान केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण में ढिलाई पर नाराज हुए अरुण साव, समय पर काम पूरा करने के निर्देश महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 10 जून को प्रदर्शन, कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की अपील मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलीं महिला मोर्चा की नवनियुक्त पदाधिकारी, जताया आभार दुर्ग में 27 लाख की हार्वेस्टर धोखाधड़ी का खुलासा, अधिकृत डीलर गिरफ्तार दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्यवाही रू 15 टन से अधिक कोयला जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत निगम का जागरूकता अभियान तेज वॉल पेंटिंग और जनसहभागिता से सुंदर बन ... जिला स्काउट्स एवं गाइड्स ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाया
बलोदा बाज़ार

गिरोधपुरी मेला सफलता पूर्वक संपन्न, पुलिस की मुस्तैदी से 92 गुमशुदा लोग अपने परिवार से मिले

बलौदा बाजार :छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक गिरोधपुरी मेले  का समापन शांतिपूर्वक और सफलता के साथ हो गया। इस विशाल आयोजन के दौरान  पुलिस सहायता केंद्रों की मदद से 92 गुमशुदा लोगों को खोजकर उनके परिजनों को सौंपा गया, जिससे मेला श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित बना रहा।

सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम

मेले में 1000 से अधिक पुलिस बल को तैनात किया गया, जिसमें शामिल थे:

27 राजपत्रित अधिकारी

30 निरीक्षक

64 उप-निरीक्षक / सहायक उप-निरीक्षक

116 प्रधान आरक्षक

763 आरक्षक व महिला आरक्षक

 

पूरे मेला परिसर में 24 घंटे निगरानी के लिए 72 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया।

यातायात और आपातकालीन सुविधाएं

08 मुख्य पार्किंग स्थल बनाए गए, जिसमें छाता पहाड़  और गिरोधपुरी चौकी के पीछे शेरे पंजा स्थल  भी शामिल था।

22 कुशल गोताखोर जोंक नदी और मुख्य तालाब में 24 घंटे तैनात रहे।

7 फायर ब्रिगेड गाड़ियां आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रखी गईं।

100 मैनपेक सेट और 30 स्टैटिक सेट सुचारु संचार व्यवस्था के लिए लगाए गए।

15 फिक्स पॉइंट दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए बनाए गए।

मेले में आने वाले बाहरी व्यक्तियों की कड़ी जांच

मेले में ठेला, गुमटी लगाने वालों और संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों की पहचान के लिए 132 लोगों के सर्च स्लिप भरे गए।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

पैदल श्रद्धालुओं के लिए अलग मार्ग बनाया गया और मजबूत बैरिकेडिंग  की गई, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

वन एवं पुलिस विभाग  ने 60 से अधिक मधुमक्खी के छत्तों को सुरक्षित हटाया, जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

शांतिपूर्ण माहौल में मेला संपन्न

प्रशासन और पुलिस की सतर्कता से यह ऐतिहासिक आयोजन बिना किसी बड़ी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button